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2019-20 में टेक्स सविंग कैसे करें?

सेक्शन 80C

सेक्शन 80C, टैक्स देनदारी को कम करने में मदद करने वाला सबसे लोकप्रिय सेक्शन है।

इसके तहत एक साल में 1.5 लाख रुपये तक का टैक्स डिडक्शन बेनिफिट मिलता है।

इसलिए, यदि आप 30% टैक्स ब्रैकेट में आते हैं तो आप इस सेक्शन के तहत क्वॉलिफाइड इंस्ट्रूमेंट्स के माध्यम से 45,000 रुपये तक टैक्स बचा सकते हैं।

आप एम्पलॉयीज प्रविडेंट फंड, पब्लिक प्रविडेंट फंड, इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम्स, यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान्स, 5 साल के फिक्स्ड डिपॉजिट्स, नैशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट्स, सुकन्या समृद्धि योजना, लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी, नैशनल पेंशन स्कीम या किसी अन्य क्वॉलिफाइड इंस्ट्रूमेंट में इन्वेस्ट कर सकते हैं।

प्रत्येक इंस्ट्रूमेंट, एक-दूसरे से अलग होता है।

उदाहरण के लिए, PPF में 15 साल का लॉक-इन होता है, और यह लॉन्ग-टर्म, लो-रिस्क इन्वेस्टमेंट्स के लिए सूटेबल होता है।

ELSS में तीन साल का लॉक-इन होता है और यह लॉन्ग-टर्म, हाई-रिस्क इन्वेस्टमेंट्स के लिए अच्छा होता है।

ULIP में 5 साल का लॉक-इन होता है और इसमें इन्वेस्टर को इक्विटी और बॉन्ड मार्केट्स में एक्सपोजर का बेनिफिट मिल सकता है।

अपनी इन्वेस्टमेंट सम्बन्धी जरूरत, रिस्क उठाने की चाहत, लिक्विडिटी सम्बन्धी जरूरत, और अन्य पहलुओं के आधार पर आप उपयुक्त टैक्स सेविंग इन्वेस्टमेंट टूल का चुनाव कर सकते हैं।

डिडक्शन का लाभ उठाने के अन्य उल्लेखनीय तरीकों के तौर पर आप अपने बच्चों (दो बच्चों तक) के लिए दी गई ट्यूशन फीस और होम लोन के प्रिंसिपल अमाउंट के रीपेमेंट के लिए डिडक्शन के लिए क्लेम कर सकते हैं।

सेक्शन 80D

सेक्शन 80D के तहत आपको अपने लिए या अपनी पत्नी और बच्चों समेत अपने डिपेंडेंट फैमिली मेम्बर्स के लिए दिए गए हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम के लिए 25,000 रुपये (सीनियर सिटिजन्स के लिए 50,000 रुपये) तक टैक्स डिडक्शन का बेनिफिट मिल सकता है।

इसके अलावा आपको अपने नॉन-सीनियर सिटिजन माता-पिता के लिए दिए गए हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम के लिए 25,000 रुपये तक और सीनियर सिटिजन माता-पिता के लिए 50,000 रुपये तक अलग से टैक्स डिडक्शन का बेनिफिट मिल सकता है।

यदि आपके सीनियर सिटिजन माता-पिता के पास कोई हेल्थ इंश्योरेंस कवर नहीं है तो आप सेक्शन 80D के तहत, आप माता-पिता के इलाज पर किए गए खर्च के लिए टैक्स डिडक्शन के लिए क्लेम कर सकते हैं।

सेक्शन 80CCD (1B)

नैशनल पेंशन स्कीम में इन्वेस्ट करने पर आपको सेक्शन 80CCD (1B) के तहत 50,000 रुपये तक का टैक्स डिडक्शन बेनिफिट मिल सकता है।

इस सेक्शन के तहत मिलने वाला टैक्स डिडक्शन बेनिफिट, सेक्शन 80C के तहत मिलने वाले टैक्स डिडक्शन बेनिफिट के अलावा अलग से मिलता है।

NPS में कम लिक्विडिटी मिलती है और इसके लिए लॉन्ग टर्म कमिटमेंट की जरूरत पड़ती है।

यह उन टैक्सपेयरों के लिए सूटेबल है जो एक रिटायरमेंट फंड तैयार करना चाहते हैं और 60 साल की उम्र में इन्वेस्टमेंट के मैच्योर होने तक इंतजार करने के लिए तैयार हैं।

सेक्शन 80TTA/TTB

सेक्शन 80TTA के तहत, आप अपने सेविंग्स अकाउंट में मिले इंटरेस्ट के लिए 10,000 रुपये तक के डिडक्शन के लिए क्लेम कर सकते हैं।

सेक्शन 80TTB के तहत सीनियर सिटिज़न्स को अपने सेविंग्स अकाउंट में और बैंक और पोस्ट ऑफिस में किए गए डिपॉजिट पर मिलने वाले इंटरेस्ट के लिए 50,000 रुपये तक के टैक्स डिडक्शन बेनिफिट के लिए क्लेम करने की सुविधा मिलती है।

सेक्शन 80GG

यदि आपको अपनी सैलरी में हाउस रेंट अलाउंस का बेनिफिट नहीं मिलता है या यदि आप एक गैर वेतनभोगी व्यक्ति हैं तो आपको सेक्शन 80GG के तहत टैक्स डिडक्शन बेनिफिट मिल सकता है।

किराये के घर में रहने वाले लोगों को यह बेनिफिट मिल सकता है।

इस सेक्शन के तहत मिलने वाला डिडक्शन बेनिफिट, टोटल इनकम के 10% से ज्यादा दिया गया किराया, सेक्शन 80C से 80U के तहत डिडक्शन के बाद टोटल इनकम का 25% और 5000 रुपये प्रति महीना, इन तीनों में से जो सबसे कम होता है उसी के आधार पर मिलता है।

अन्य सेक्शंस जिनके तहत डिडक्शन का बेनिफिट मिल सकता है

ऊपर बताए गए सेक्शंस के अलावा, आप अपने एजुकेशन लोन के लिए एक फाइनैंशल इयर में दिए गए टोटल इंटरेस्ट के लिए सेक्शन 80E के तहत; होम लोन इंटरेस्ट के पेमेंट के लिए सेक्शन 24 के तहत; लागू होने लायक सीमा रेखा के आधार पर क्वॉलिफाइड फंड्स या संस्थानों को दिए गए डोनेशन के लिए सेक्शन 80G के तहत टैक्स डिडक्शन बेनिफिट के लिए क्लेम कर सकते हैं।

आप कौन हैं, आपकी उम्र कितनी है और आप अपनी रोजी-रोटी के लिए कौन-सा काम करते हैं, इसके आधार पर आपको इनकम टैक्स ऐक्ट के तहत ज्यादा बेनिफिट मिल सकता है।

टैक्स डिडक्शन बेनिफिट का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाने के लिए संबंधित सेक्शंस के बारे में ऑनलाइन जानकारी जुटाने की कोशिश करें। कोई शक होने पर टैक्स अडवाइजर की सलाह लें।




Mr. Ajay Kumar Jain, M.Sc, Chairman And Managing Director
Being the Chairman And Managing Director, he focuses on holistic investment planning and wealth management and tries to make investment planning simpler for retail and HNI investors. Investor education is one of the prime things that Mr. Ajay Jain focuses on as he believes financial education is the foundation of successful investing. With over two decades of experience, Mr. Jain has made a mark in the Indian mutual fund industry due to his compassion and sheer hard work.

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